Frequently Asked Questions
लिगामेंट्स क्या होते है ? हमारे शरीर में लिगामेंट्स का काम क्या होता है ? ये शरीर में कहाँ-कहाँ पाए जाते है ?

लिगामेंट्स धागे की तरह दिखने वाली संरचना होती है. ये घुटनों को अपनी जगह पर स्थिर बनाये रखते है ताकि हम आसानी से चल और दौड़ सकें. घुटनों में 4 तरह के लिगामेंट्स होते हैं, इनमें से 2 कोलेटरल लिगामेंट्स होते हैं और 2 क्रुशिएट लिगामेंट्स होते हैं.

एक कोलेटरल लिगामेंट घुटने के अंदर होता है जबकि दूसरा घुटने के बाहर होता है. ये घुटने की गति को नियंत्रित और संतुलित करते हैं.

क्रुशिएट लिगामेंट घुटनों के भीतर होते है.इनमें से एक आगे होता है जिसे एंटीरियर और दूसरा पीछे होता है जिसे पोस्टीरियर लिगामेंट्स कहते है.ये घुटनों को आगे-पीछे मोड़ने का काम करते हैं. लिगामेंट्स घुटने, कोहनी और कंधे में होते है.

स्पोर्ट्स इन्ज्यूरीज का मतलब क्या है ? क्या इस तरह की चोट सिर्फ खिलाड़ियों को ही लगती है या अन्य व्यक्ति भी इन चोटों के शिकार हो जाते है ?
स्पोर्ट्स इन्ज्यूरीज का मतलब सामान्य तौर पर लिगामेंट और मसल्स में आने वाली चोट से लिया जाता है. ये जरुरी नहीं है कि ये चोट सिर्फ प्लेयर्स को ही लगती है.

प्लेयर्स को इस तरह की चोट लगने की आशंका ज्यादा रहती है इसलिए इसे स्पोर्ट्स इंज्यूरी कहा जाता है लेकिन सामान्य व्यक्तियों को भी ये चोट लग जाती  है.

गिरने, टकराने या असामान्य तरह से हाथ- पैर मुड़ने से लिगामेंट्स और मसल्स चोटिल हो जाते है, लोग इसे सामान्य मोच समझकर अनदेखी करते है, लेकिन कई बार शुरू में सामान्य दिखने वाली मोच आगे चलकर मुसीबत का सबब बन जाती है, इसलिए लिगामेंट इंज्यूरी के लक्षण दिखने पर विशेषज्ञ से सलाह लेना ही चाहिए. 
अर्थ्रोस्कोपी सर्जरी में कितना समय लगता है ? सर्जरी के लिए अस्पताल में कितने दिन भर्ती रहना पड़ता है ?

अर्थ्रोस्कोपी सर्जरी को की- होल सर्जरी और पेन-लेस सर्जरी भी कहा जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि सर्जरी के दौरान सामान्य तौर पर इसमें मरीज को बिलकुल दर्द नहीं होता. 

सर्जरी के लिए शरीर में कहीं भी चीर फाड़ भी नहीं की जाती. ये सर्जरी  दूरबीन से की जाती है. सर्जरी सिंगल डे केयर प्रोसेस है मतलब सामान्य तौर पर इसमें मरीज को सिर्फ एक दिन के लिए अस्पताल में भर्ती किया जाता है. 

दूसरे दिन मरीज को पैरों पर चलाकर डिस्चार्ज कर दिया जाता है.
 लिगामेंट्स इंज्यूरी के लक्षण क्या है ? 

कई बार डॉक्टर्स भी ये समझ नहीं पाते कि चोट हड्डी में लगी है या लिगामेंट्स में.
यदि पैर में बार-बार लचक या सूजन आती है, दौड़ने (रनिंग), कूदने (जम्पिंग) या सीढ़ी उतरने में डर महसूस होता है तो ये लिगामेंट्स इंज्यूरी का संकेत हो सकता है.
ऐसा होने पर तत्काल स्पोर्ट्स इंज्यूरी स्पेशलिस्ट डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
अर्थो सर्जरी के बाद क्या सावधानियां रखनी चाहिए?
सर्जरी के बाद सोते और चलते समय हमेशा ब्रेस पहनकर रखे.  
कम से कम 06 महीने तक टायलेट के लिए कमोड का इस्तेमाल करें. 
03 महीने तक कोई भी टू-व्हीलर ना चलाएं. दर्द या सूजन होने पर बर्फ से सेंक करें. 
ज्यादा दर्द होने पर तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएं.
क्या लिगामेंट्स की हर चोट का इलाज सर्जरी से ही होता है ?

जी नहीं. यदि लिगामेंट में माइनर इंज्यूरी है तो सर्जरी की जरुरत नहीं होती.
पार्शल लिगामेंट इंज्यूरी का उपचार दवाई और सही एक्सरसाइज से किया जा सकता है. 
कम्प्लीट लिगामेंट टियर या मल्टीपल लिगामेंट टियर होने पर सर्जरी आवश्यक होती है.

क्या सर्जरी के बाद पेशेंट खुद फिजियोथेरेपी कर सकता है? क्या आपके क्लिनिक में फिजियोथेरेपी सेंटर है ?
सामान्य सर्जरी में मरीज फिजियोथेरेपिस्ट से मार्गदर्शन लेकर एक्सरसाइज कर सकता है. 
मल्टी लिगामेंट रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी में अनुभवी फिजियोथेरेपिस्ट के मार्गदर्शन में फिजियोथेरेपी करना चाहिए.   
स्पोलिक्स में एडवांस फिजियोथेरेपी और रिहेब सेंटर है. यहां फिजियोथेरेपी के लेटेस्ट वर्ल्ड प्रोटोकॉल में ट्रेंड फिजियोथेरेपिस्ट आधुनिक मशीन्स की सहायता से एक्सरसाइज करवाते हैं. 
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